Yes Bank क्एरेडिट कार्सड होल्डर बैंक मामले में जमा और देनदारियोंपर

संकट की इस घड़ी में यस बैंक को देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का सहारा मिलने की उम्‍मीद है. बीते गुरुवार को एसबीआई के निदेशक मंडल ने यस बैंक में निवेश अवसर तलाशने के लिए सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है. यस बैंक पर आरबीआई ने लगाई है पाबंदीयस बैंक पर आरबीआई ने लगाई है पाबंदी.


 Yes Bank क्एरेडिट कार्सड होल्डर बैंक मामले में जमा और देनदारियोंपर



  1. ग्राहक एक महीने में सिर्फ 50 हजार निकाल सकेंगे आपके पैसे का क्या होगा : आरबीआई ने नकदी की कमी से जूझ रहे यस बैंक से पैसा निकालने की सीमा निर्धारित कर दी है। अब बैंक के खाताधारक एक महीने में अधिकतम 50 हजार रुपए ही निकाल सकेंगे। ऐसे में यस बैंक के ग्राहकों के मन में खाते से होने वाले ईएमआई, एसआईपी और इंश्योरेंस प्रीमियम जैसे भुगतानों को लेकर कई सवाल हैं। 6 सवाल-जवाब में समझें, इससे जुड़ी पूरी जानकारी.


प्राइवेट सेक्‍टर के यस बैंक के बदहाली की कहानी अब लोगों के सामने आ चुकी है. इस बैंक पर आरबीआई की पाबंदी के बाद अब खाताधारकों में डर का माहौल है. हालांकि, सरकार की ओर से बार-बार भरोसा दिया जा रहा है कि खाताधारकों के पैसे सुरक्षित हैं और कोही परेसान की बात नही हे .

लेकिन फिर खाता धारक अभी बी इस लिए परेसान हे कु की ऑनलाइन कोही बी ट्रन्सक्तिओन नही कर परा है .





इस बीच हमारी देश का  वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर के यह बताय हे : यस बैंक के संकट पर विस्‍तार से बात की. उन्‍होंने बताया कि एसबीआई ने यस बैंक में हिस्‍सेदारी खरीदने में दिलचस्‍पी दिखाई है. निवेशक बैंक अगले तीन साल के लिए 49 फीसदी हिस्‍सेदारी ले सकता है.वहीं अपनी हिस्‍सेदारी 26 फीसदी से कम नहीं कर सकता है. बैंक द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था. बैंक ने जोखिम भरे क्रेडिट निर्णय लिए थे. यस बैंक ने अनिल अंबानी, एसेल ग्रुप, डीएचएफएल, वोडाफोन जैसी कंपनियों को लोन दिया जो डिफॉल्ट हुए हैं. ये सभी मामले 2014 से पहले यानी यूपीए शासनकाल के हैं.






RBI को एह्सा क़दम केऊ उतना परा :
आरबीआई ने कदम इसलिए उठाया है ताकि बैंक की वित्तीय हालत को सुधारा जा सके. खाता धारकों के पैसों को डूबने से बचाया जा सके. RBI को ग्राहकों और बैंक की मदद के इसलिए आना पड़ा क्योंकि 2004 में शुरू हुए यस बैंक की आर्थिक आर्थिक हालत ठीक नहीं थी.



RBI के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान SBI का शुद्ध एनपीए 77,827 करोड़ रुपये था, वहीं एसबीआई ने 65,895 करोड़ रुपये का शुद्ध एनपीए दिखाया था. इस तरह शुद्ध एनपीए में भी 11,932 करोड़ रुपये का अंतर था. आरबीआई की ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई जब कई बैंकों पर डूबे हुए कर्ज को कम कर दिखाने के मामले सामने आए हैं.






जिन लोगों का यस बैंक में सैलरी अकाउंट है उनका क्या होगा और क्या करना हे ?

अगर आपका सैलरी अकाउंट यस बैंक में है और सैलरी 50 हजार रु. से कम है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है अगर सैलरी 50 हजार से ज्यादा है तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आपका सैलरी करंट या सेविंग कोई भी अकाउंट हो, फिलहाल ग्राहक 1 महीने में 50 हजार से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे। सैलरी अकाउंट के लिए आप कंपनी (जहां नौकरी करते हैं) को किसी अन्य बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए कह सकते हैं और आपने सैलरी दूसरी बैंक में ले सकते है ।






 बैंक डूबा तो आपके पैसे का क्या होगा फिर आप क्या करेंगे ?

डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन एक्ट 1961 के तहत अगर बैंक फेल (बंद) हुआ तो खाताधारकों की 5 लाख रु. तक की रकम सुरक्षित रहेगी। इसी साल फरवरी में बजट सत्र में बैंक गारंटी को 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रु. किया गया। पीएमसी बैंक घोटाला सामने आने के बाद बैंक में जमा राशि की सुरक्षा ने एक बार फिर सरकार का ध्यान खींचा है और आपके पैसा सेव है ।

अगर आपके पास एस बैंक का क्रेडिट कार्ड है?

अगर आपके पास एस बैंक का क्रेडिट कार्ड है और क्रेडिट कार्ड का लिमिट आपने उसेद कर लिया है तो आपको नेक्स्ट महीने का बिल आपको जमा करना परेगा अगर एहसे नही करते है आपको rbi नोटिस भेजेगा और आपके सिबिल में फरक पर सकता है हाला की अभी तक एह्सा नही बताया की कब बिल जमा करना है और अगर आपने लिमिट यूज़ नही किया तो आपके क्रेडिट कार्ड ऑटोमेटिक कार्ड बंद हो जिगा .