Yes bank story आखिर क्यों बर्बादी की कगार पर पहुंचा पूरी यस बैंक के फाउंडर की कहानी


 Yes bank story आखिर क्यों बर्बादी की कगार पर पहुंचा पूरी यस बैंक के फाउंडर की कहानी


कपूर को बेचने पड़े शेयर्स

राणा कपूर बैंक में अपने शेयर्स को हीरा-मोती बताते थे और कभी बेचना नहीं चाहते थे. लेकिन अक्टूबर 2019 में नौबत यहां तक पहुंच गई कि राणा कपूर और उनके ग्रुप की हिस्सेदारी घटकर 4.72 रह गई. 3 अक्टूबर को सीनियर ग्रुप प्रसेडिंट रजत मोंगा ने रिजाइन किया, उन्होंने सितंबर में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी.

Yes Bank प्राइवेट सेक्टर का पसंदीदा बैंक रहा है. यस बैंक को औसत से ज्यादा ब्याज देने के लिए जाना जाता था. लेकिन अब पिछले कुछ समय से ही इस बैंक से बुरे दिन शुरू हो चुके थे. आइए आपको बताते हैं कि बैंकों की दुनिया का यह चमकता बैंक गर्त में कैसे पहुंच गया.




Yes Bank प्राइवेट सेक्टर का पसंदीदा बैंक रहा है. यस बैंक को औसत से ज्यादा ब्याज देने के लिए जाना जाता था. लेकिन अब पिछले कुछ समय से ही इस बैंक से बुरे दिन शुरू हो चुके थे. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को नकदी संकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के यस बैंक (Yes Bank) पर पाबंदी लगाते हुए उसके निदेशक मंडल को भंग कर दिया है. इसके अलावा बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 50,000 रुपये की निकासी की सीमा भी तय की है. आइए आपको बताते हैं कि बैंकों की दुनिया का यह चमकता बैंक गर्त में कैसे पहुंच गया.



यस बैंक के संकट का ये है कारण पारिवारिक कारण साल 2011 में जब अशोक कपूर की मौत हुई तो कपूर परिवार में कलह शुरू हो गई. अशोक की पत्नी मधु अपनी बेटी शगुन को बैंक के बोर्ड में शामिल करना चाहती थीं, मामला मुंबई की अदालत तक पहुंचा, जिसमें जीत राणा कपूर के पक्ष की हुई. थोड़े समय के लिए इस युद्ध पर विराम लगा और रणवीर गिल को बैंक का एमडी अपॉइंट किया गया. इस दौरान कॉर्पोरेट गवर्नेंस से समझौते के मामले सामने आए और बैंक कर्ज की चपेट में आ गया. धीरे-धीरे वक्त बदला और प्रमोटर्स ने अपनी हिस्सेदारी बेचनी शुरू कर दी.


Yes Bank मामला देश छोड़ने की कोशिश कर रही थी राणा कपूर की बेटी रोशनी, मुंबई एयरपोर्ट पर रोका गया.


यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की बेटी रोशनी कपूर को मुंबई एयरपोर्ट पर देश छोड़ने से रोका गया। वह ब्रिटिश एयरवेज द्वारा लंदन जा रही थी।
Yes Bank के संस्थापक राणा कपूर की बेटी रोशनी कपूर को मुंबई एयरपोर्ट पर देश छोड़ने से रोका गया। वह ब्रिटिश एयरवेज द्वारा लंदन जा रही थी। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर और उनके परिवार - उनकी पत्नी बिंदू कपूर, बेटियों राखी कपूर टंडन, राधा कपूर और रोशनी कपूर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। आपको बता दें कि सीबीआई ने यस बैंक के मामलों की जांच शुरू कर दी है और अधिकारी इस मामले में दस्तावेज इकट्ठा कर रहे हैं। सूत्रों ने रविवार को बताया कि अधिकारियों ने इस बारे में किसी टिप्पणी से इनकार किया है, क्योंकि जांच एजेंसी किसी भी छापामारी से पहले पूरी गोपनीयता बरतना चाहती है।

राणा कपूर को 11 मार्च तक ईडी हिरासत में भेजा गया हे 


धन शोधन मामले में गिरफ्तार यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को मुंबई की एक अदालत ने रविवार को 11 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने कहा कि ईडी ने निजी बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कपूर (62) को धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत रविवार तड़के करीब तीन बजे गिरफ्तार किया क्योंकि वह कथित तौर पर जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।



कपूर को निजी बैंक के संचालन में कथित वित्तीय अनियमितता और कुप्रबंधन के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया गया था और भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार ने इसके कामकाज को नियंत्रित करने के लिये कदम उठाए हैं। ईडी ने कपूर को यहां एक अवकाश अदालत के समक्ष पेश किया जिसने उसे 11 मार्च तक जांच एजेंसी की हिरासत में भेजे जाने का आदेश दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि कपूर के परिवार द्वारा संचालित कुछ कंपनियों की भूमिका स्थापित किये जाने और इन सभी लोगों का आरोपी से आमना-सामना कराए जाने की जरूरत है।