रहना चाहता हूं तू साथ तेरे
पर तुझसे दूर रहना मजबूरी है
आंखों से किया इजहार तुम समझती नहीं
तुम्हें बताने के लिए मेरा कहना जरूरी हैक्यूंकि बिना तेरी हां के, मेरी मोहब्बत अधूरी है
दिल की बात दिल तक पहुंच जाये तो अच्छा,
वो बिन कहे सब समझ जाये तो अच्छा,
प्यार है और वो प्यार से भी प्यारे है मुझे,
मेरा पैगाम उन तक कोई पहुचाये तो अच्छा
चाहता हूँ,?
“जब तक जिंदगी है… मैं तुम्हारे साथ रहूँगा…”
बस यही बात तुम्हें कहना चाहता हूँ !!!?
मैं तुमसे प्यार
करता हूँ, 
“
I Love You
”
पर तुझसे दूर रहना मजबूरी है
आंखों से किया इजहार तुम समझती नहीं
तुम्हें बताने के लिए मेरा कहना जरूरी हैक्यूंकि बिना तेरी हां के, मेरी मोहब्बत अधूरी है
दिल की बात दिल तक पहुंच जाये तो अच्छा,
वो बिन कहे सब समझ जाये तो अच्छा,
प्यार है और वो प्यार से भी प्यारे है मुझे,
मेरा पैगाम उन तक कोई पहुचाये तो अच्छा
शायरी शायरी में इज़हार हो जाये
शायरी शायरी में इज़हार हो जाये
मैं तुम को कहुँ आयी लव यू
और तुम्हे मुझसे प्यार हो जाए
शायरी शायरी में इज़हार हो जाये
मैं तुम को कहुँ आयी लव यू
और तुम्हे मुझसे प्यार हो जाए
बनकर मुस्कुराना जिंदगी,
मुस्कुरा के ग़म भुलाना जिंदगी,
जीत कर कोई खुश हो तो क्या हुआ,
हार कर खुशियाँ मनाना भी जिंदग
सच्चे प्यार को ये कमबख्त आँखे कह ही देती हैं
पर आज हम लब्जो से कुछ कहना चाहते हैं
क्या मेरे सनम तुझे क़ुबूल हूँ मैं
मेरे दिल के हर कोने में बस तेरा ही नाम हैं
चाहे तो चीर के देख ले बस तेरा ही गुलाम हूँ मैं
ना मैं तुम्हें खोना चाहता हूँ,ना तुम्हारी याद में रोना
“जब तक जिंदगी है… मैं तुम्हारे साथ रहूँगा…”
बस यही बात तुम्हें कहना चाहता हूँ !!!?
मैं तुमसे प्यार
“
कुछ दूर मेरे साथ चलो हम सारी कहानी कह देंगे
समझे ना तुम जिसे आँखों से वो बात मुँह जबानी कह देंगे
I love u my love… Happy propose day Sweetyतेरे नाम को होठों पे सजाया है मैंने,
तेरी रुह को अपने दिल में बसाया है मैंने,
दुनिया तुम्हें ढूंढते-ढूंढते हो जाएगी पागल,
दिल के ऐसे कोने में बसाया है मैंने.
Happy Propose Day 2020
तन्हाइयों में उनको ही याद करते हैं.. वो सलामत रहे यही फरियाद करते है.. हम उनकी ही मोहबत का इंतज़ार करते है.. उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते हैं।
दिल की आवाज को इजहार-ए-इश्क कहते हैं, झुकी निगाहों को इकरार-ए-इश्क कहते हैं, सिर्फ जुबां से कहना ही इजहार-ए-इश्क मोहब्बत नहीं होती, सिर्फ खामोशी से मुस्कराने को भी इकरारे-ए-इश्क कहते हैं
किसने कहा पगली तुझसे की हम तेरी खूबसूरती पर मरते है, हम तो उस अदा पर मरते है जिस अदा से तू हमे देखती है






